प्यास

गम की चादर सी है,
खुशियोँ के सैलाब मे,
 है गम ही गम यहाँ,
हर किसी के आँखो भरे तालाब मे,
थोडा सा झोँका है खुशियोँ का,
फिर तो सिर्फ दुखोँ की बरसात है,
दर्द भरी इस दुनिया मे सिर्फ तन्हाई का ही साथ है,
हर पल आस होती है,
खुशियोँ को पाने की,
हर किसी को तलब है यहाँ,
जिन्दगी मे किसी अपने आने की है,
दूर साहिल बढा फिर भी आँखो मे प्यास है,
है गम हर कहीँ,
फिर भी हर किसी को खुशियोँ की तालाश है